Friday, 4 May 2012

जन बेबस हैं गण  लाचार,
चारो तरफ हैं भ्रष्टाचार
हम तुम करते यही विचार
बंद  करो ये अत्याचार..
बंद  करो ये अत्याचार...।।

FB , Google  हमको प्यारा
Staus Update ये डाला,
भारत अपना जग से न्यारा
अब यही तो हे कर्त्तव्य का सार
बंद  करो ये अत्याचार..
बंद  करो ये अत्याचार ...||

हम चाहे करना बदलाव
हैं अपने अन्दर क्रांति भाव
पर हैं थोडा समयाभाव
ख़त्म करो दिखावे का प्यार
बंद  करो ये अत्याचार..
बंद  करो ये अत्याचार...||


हम हैं युवा हम हैं शक्ति
हमको प्यारी देश की भक्ति
हम चाहे नेताओ से मुक्ति
कैसे चले फिर ये सरकार
बंद  करो ये व्याभिचार..
बंद  करो ये व्याभिचार...||


अब तो जागो झूठ को त्यागो
आँखे खोलो सच को बोलो
युवाओ कुछ करो विचार
घर के दुश्मन पे कर दो वार
बनके भगत और आजाद
भड़काओ सिने में एक  आग..
अब  भड़काओ सिने में एक आग...||