बिन शब्दों की डोर को बांधे , आँखों से हम बात करेंगे |
मोती प्यार के चुनकर हम तुम, ख्वाबो की एक डोर बुनेंगे ||
तेरे सपने मेरे होंगे , मेरे सपने तुम बुनना |
एक दूजे के ख्वाब को लेकर, अपनी धरा हम स्वयं चुनेंगे ||
जो आकाश तुम्हारा होगा , उस पर तारे मेरे होंगे|
मेरी धरती की क्यारी में , हर एक फूल तुम्हारे होंगे ||
मेने अपने सारे सपने , सारी दुनिया तुम्हे हे दे दी |
मेरे विश्वास की डोर के सिरे , अब तुम्हारे हाथो होंगे ||
कभी लगे ये भ्रम हे मेरा , कभी ख्वाब तुम लगते हो |
वर्तमान की सारी दुनिया में , तुम ही तुम अब सजते हो ||
दुरी हो या हो नजदीकी. मेरी तो धड़कन में तुम हो|
मै चांहू, अरमान हे मेरा , तेरी सांसो में मैं महकू ||
मोती प्यार के चुनकर हम तुम, ख्वाबो की एक डोर बुनेंगे ||
तेरे सपने मेरे होंगे , मेरे सपने तुम बुनना |
एक दूजे के ख्वाब को लेकर, अपनी धरा हम स्वयं चुनेंगे ||
जो आकाश तुम्हारा होगा , उस पर तारे मेरे होंगे|
मेरी धरती की क्यारी में , हर एक फूल तुम्हारे होंगे ||
मेने अपने सारे सपने , सारी दुनिया तुम्हे हे दे दी |
मेरे विश्वास की डोर के सिरे , अब तुम्हारे हाथो होंगे ||
कभी लगे ये भ्रम हे मेरा , कभी ख्वाब तुम लगते हो |
वर्तमान की सारी दुनिया में , तुम ही तुम अब सजते हो ||
दुरी हो या हो नजदीकी. मेरी तो धड़कन में तुम हो|
मै चांहू, अरमान हे मेरा , तेरी सांसो में मैं महकू ||
kya baat hai sahi time pe daala hai fit hota hai kissipe..........
ReplyDeleteit was great i never had listen poem like that hope u will post some more awesome poem :)
ReplyDeleteAwesome poem...although matrao ki galati hai :P
ReplyDeletehahaha
Deletevery nice ...... fod dala
ReplyDeleteThanks Saurabh.. :)
ReplyDeletenice one d............
ReplyDeleteThanks bhai.....
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ReplyDeleteit touch the heart
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