देखा..... कहा था ना मैंने हँसोगे तुम...... क्या कह रहे थे? प्यार हो गया हैं मुझे तुमसे ? चलो जाओ... प्यार होता तो नाम ना दे देती अपने रिश्ते को, बेनाम क्यों पुकारती ? कुछ एहसास भर है ये जिसे न तुम समझ पाओगे ना मैं समझना चाहती हूँ। रहने देते हैं ना, ऐसा ही एहसास वाला रिश्ता, बिना किसी नाम का , बेनाम सा रिश्ता। चलो अब मेरे बारे में सोचना छोडो और अपने काम पर ध्यान दो... वरना कही तुम्हे मुझसे प्यार ना हो जाये... जो मैं बिलकुल नहीं चाहती...
👌👌
ReplyDeleteBenaam Rishta
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